Terms and Conditions (नियम और शर्तों)
  1. If you fail to adjust the loan on or before the expiry date, Bank will auction the gold ornaments/article and recover the bank dues if any surplus is left will be refunded to you. All charges related to the auction/sale will also be recovered from the sale/auction proceeds of the ornaments.
  2. After adjustment of bank dues in full & final, gold ornaments shall be released to the owner of the gold/nominee (in case of death of owner of gold ornaments) after verification of original KYC documents of owner/ nominee.
  3. If the market rate of gold will be decreased then you have to deposit difference of margin money to maintain the LTV ratio asper norms.
  4. The rate of interest will be governed by the directives issued by Reserve Bank of India or Bank rules & it may change from time to time.
  5. The loan amount with interest and other charges is repayable on demand made by the Bank. Even if not demanded, the loan has to be repaid with interest with the loan tenure. In case the value of the gold ornaments given as collateral security comes down below the total dues payable, the borrower has to immediately make good the amount of shortfall either in case or by pledging additional gold ornaments of proportionate weight/ value. In the event of failure on the part of the borrower to do so, the Bank shall have the right to recall the loan and demand the borrower to repay the entire loan amount together with interest and other charges any time during the currency of the loan.
  6. In case of any default on the part of the borrower to repay the loan amount together with interest/charges within the due date or earlier as demanded by the Bank, Bank has the legitimate right to initiate legal proceedings against the borrower and/ or sell the ornaments pledged through an auction process by giving 14 day’s prior notice to the borrower at the address given in the Application for loan and appropriate the amount so received towards the loan amount interest and other charges. If the amount realised through an auction is insufficient to cover the total dues to the Bank the shortfall will be the recovered from the borrower or from his personal assets like immovable assets Lands, Building or any Movable assets. Where the amount realised through auction is higher than the total amount due from the borrower, then the excess amount realised will be refunded to the borrower either in case or by cheque within 30 days from the date of such realisation. However, if there are any other amounts due from the borrower, the same will be recovered by appropriate from the excess amount and the balance if any, thereafter only will be refunded to the borrower.
  7. I agree that as a pre-condition of the loan given to me by the Bank, in case of any default in repayment of loan or interest thereon, or any of the agreed instalments of the loan on respective due date (s), Bank will have an unqualified right to disclose or publish my name, details and photograph as a defaulter in such manner and through such medium, as the Bank in their absolute discretion may think fit. For recovery, the Bank could go in for the road show (s) or conduct open “Munadi” (Announcement through Loud Speaker).
  8. The loan should not be utilised for any illegal or unlawful activities.
  9. Bank will not accept ornament embedded with costly stones like diamonds etc nor shall the Bank entertain any claim whatsoever subsequently relating to the value of the stones.
  10. Bank is certifying the purity of the pledged articles relying on the proof made available by the borrower/declarations and affirmations made in the loan application and by conducting some basic tests. If Bank finds out or comes to know subsequently that the gold ornaments pledged as security are spurious or are having purity less that 18 carat, Bank shall intimate civil and criminal proceedings against the borrower and the borrower shall be solely responsible for all the costs and losses suffered by the Bank on this accounts.
  11. In the event of loss of pledged articles on account of theft, burglary etc. the liability of the Bank is limited to paying the equivalent value of net weight of 22 ct gold, after deductions on account of stones. etc, assessed for the purpose of determining the loan amount at the prevailing India Bullion and jewellers Association Ltd. rate, as on the date of robbery/loss, after deducting the loan amount and interest till the date on which the borrower makes a claim in writing.
  12. “All communications shall be sent to the address furnished by the borrower in the application form for loan. If there is any change in the address or phone number, the same shall be intimated to the Bank promptly in writing by the borrower failing which it will be presumed that all communications including demand notices, auction notices etc sent to the said address are deemed to have been received by the borrower.”
  13. “The employee/ auditors of the Bank will have the right to verify the purity of the ornaments offered as collateral security adopting the standard appraisal methods as laid down by the Bank whenever such verification is warranted.”
  14. “Bank Shall have no liability for any loss/ damage caused to the pledged articles due to reasons beyond its control i.e., natural calamities such as fire, floods, earthquake etc and in such eventualities the borrower shall receive only such compensation if and when received by the Bank from the settlement of insurance.”

  1. यदि आप समाप्ति की तारीख से पहले ऋण को समायोजित करने में विफल रहते हैं, तो बैंक सोने के गहने / वस्तु नीलामी कर बैंक देय राशि वसूल ली जाएगी और बची हुए अधिशेष राशि आपको लौटा दी जाएगी। नीलामी से संबंधित बिक्री के लिए सभी प्रभार आभूषणों की बिक्री/ नीलामी आय से वसूल किया जाएगा|
  2. बैंक देय राशि का पूर्ण और अंतिम समायोजन के बाद, सोने के गहने उसके मालिक/नॉमिनी(यदि गहनो के मालिक कि मृत्यु हो जाती है तो) केवाईसी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सोने के गहनों को उसके मालिक/ नॉमिनी को लौटा दिए जाएगे |
  3. सोने का बाजार भाव यदि कम होता है, तो आपको एलटीवी बनाए रखने के लिए मार्जिन मनी के अंतर को जमा करना होगा|
  4. ब्याज की दरो में समय–समय पर परिवर्तन हो सकता है जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया या बैंक नियमों द्वारा जारी निर्देशों से संचालित किया जाएगा|
  5. ऋण राशि व ब्याज अन्य खर्चों सहित बैंक द्वारा मांगे जाने पर मांग पर देय है। स्पष्टतः न मांगने पर भी ऋण व ब्याज को स्वीकृत ऋण अवधि के भीतर चुकाना आवश्यक है। यदि प्रतिभूति में दिये गये स्वर्ण आभूषण की कीमत बकाया ऋण राशि से कम हो जाये तो ऋणी को तुरन्त उस कमी को अतिरिक्त धन ऋण खाते में जमा करके पूरा करना होगा या अतिरिक्त स्वर्णाभूषण प्रतिभूति के रूप में देने होंगे ताकि ऋण की बकाया राशि व उस पर ब्याज के लिये पर्याप्त प्रतिभूति मार्जिन सहित बैंक को उपलब्ध रहे। ऋणी के ऐसा करने में असमर्थ रहने पर बैंक को अधिकार होगा कि वह ऋण (ब्याज व अन्य खर्चों सहित) की तुरन्त वापसी के लिये ऋणी से मांग करे।
  6. ऋणी द्वारा बैंक से लिये गये ऋण व उस पर प्रभारित ब्याज व अन्य खर्चों की समयानुसार वापसी में असमर्थ रहने पर बैंक को अधिकार होगा कि वह ऋणी से अपनी बकाया वसूल करने हेतु उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही आरंभ करे / ऋणी को उसके द्वारा ऋण आवेदन पत्र में दिये गये पते पर 14 दिन का नोटिस देकर प्रतिभूति की नीलामी प्रक्रिया आरंभ करे और नीलामी से प्राप्त विक्रय राशि से अपनी समस्त बकाया राशि को संतुष्ट कर ले। यदि प्रतिभूति की नीलामी से प्राप्त विक्रय राशि संपूर्ण बकाया राशि के लिये अपर्याप्त रह जाये तो बैंक को अधिकार होगा कि वह ऋणी की अन्य व्यक्तिगत चल–अचल संपत्तियों से अपना कर्ज़ा वसूल कर ले। दूसरी ओर, यदि विक्रय राशि ऋणी की ओर बकाया कुल ऋण राशि, ब्याज व खर्चों से अधिक हो तो ऋण खाता बन्द करने के बाद बच रही विक्रय राशि तीस दिन के भीतर बैंक द्वारा ऋणी को चेक के माध्यम से भेज दी जायेगी। यदि ऋणी की ओर अन्य किसी मद में बैंक की कुछ बकाया राशि हो तो वह भी इस अतिरिक्त विक्रय राशि में से वसूल कर ली जायेगी और उसके बाद बच रही विक्रय राशि को ऋणी को प्रेषित किया जायेगा।
  7. मैं / हम सहमत हूं / हैं कि इस ऋण की स्वीकृति की पूर्व शर्त के रूप में बैंक को अबाध अधिकार होगा कि वह ऋण व ब्याज का समय से भुगतान न करने पर मेरा / हमारा नाम, विवरण व मेरी / हमारी फोटो बकायेदारों के रूप में समाचार पत्र / पोस्टर या अन्य किसी माध्यम से जो भी बैंक को उचित प्रतीत हो, सार्वजनिक कर दे, प्रकाशित कराये। अपनी बकाया राशि की वसूली हेतु बैंक सड़क पर ढिंढोरा पीटने, मुनादी कराने के लिये अधिकृत होगा।
  8. ऋण का उपयोग किसी भी गैरकानूनी या अनैतिक उद्देश्य के लिये नहीं किया जायेगा।
  9. बैंक बहुमूल्य नगों जैसे हीरे – मोती – पन्ना आदि से सुसज्जित जड़ाऊ स्वर्ण आभूषण न तो स्वीकार करेगा और न ही उनके मूल्य से संबंधित किसी दावे को बाद में स्वीकार करेगा।
  10. बैंक ऋणी द्वारा दिये जा रहे आश्वासन, घोषणा के आधार पर ही प्रतिभूति हेतु दिये जाने वाले स्वर्ण आभूषण की सच्चाई पर भरोसा करते हुए कुछ सामान्य परीक्षण करके स्वर्ण आभूषण के मूल्य का आकलन करता है। यदि बैंक को भविष्य में स्वर्ण आभूषण के नकली होने का ज्ञान होता है या उनकी शुद्धता 18 कैरेट से कम होने की जानकारी मिलती है तो बैंक ऋणी के विरुद्ध दीवानी व फौजदारी कार्यवाही आरंभ कर सकेगा और बैंक के समस्त हर्जे–खर्चे के लिये ऋणी ही एकमात्र जिम्मेदार होगा।
  11. यदि बैंक को प्रतिभूति में सौंपे गये स्वर्णाभूषण बैंक के अधिकार में रहने के दौरान खो जाते हैं, चोरी होते हैं तो बैंक की जिम्मेदारी समान वज़न / मूल्य के 22 कैरेट के स्वर्ण के (नगों का मूल्य काट कर) मूल्य, जो इंडियन बुलियन व ज्वैलर्स एसोसियेशन के द्वारा चोरी / डकैती के दिन घोषित किये गये मूल्य के आधार पर आकलित मूल्य के बराबर होगी और बैंक की समस्त बकाया, ब्याज व प्रभार काट कर शेष राशि का ऋणी को उसके द्वारा लिखित रूप में मांगे जाने पर भुगतान कर दिया जायेगा।
  12. “ऋणी से समस्त पत्राचार आदि उसके द्वारा आवेदन पत्र में दिये गये पते पर ही होगा। यदि पते या फोन / मोबाइल नंबर में कोई परिवर्तन हो तो ऋणी को उसकी सूचना बैंक को तुरन्त लिखित रूप में देनी होगी अन्यथा यह माना जायेगा कि ऋणी को भेजे गये सभी पत्र / अनुस्मारक / नोटिस / नीलामी नोटिस आदि उसको यथासमय प्राप्त हो गये हैं / प्राप्त होते रहे हैं। “
  13. “बैंक के कर्मचारी / अंकेक्षक को अधिकार है कि वह स्वर्णाभूषणों की शुद्धता जांचने के लिये प्रचलित उपाय को उपयोग करते हुए बैंक जब भी आवश्यक अनुभव करे, उन स्वर्णाभूषणों का मूल्य पता करें। “
  14. “प्रतिभूति के रूप में बैंक को सौंपे गये स्वर्ण आभूषण यदि ऐसे किसी कारण से नष्ट / हानि ग्रस्त होते हैं जो बैंक के नियंत्रण से परे हैं जैसे – प्राकृतिक आपदा, अग्निकांड, बाढ़, भूकंप आदि तो ऋणी को उतना ही मुआवज़ा देय होगा जितना बीमा कंपनी से बैंक को उन स्वर्णाभूषणों के नुकसान के बदले प्राप्त होगा। “